आसमान से बरस रही ‘आग’ और जानलेवा लू के बीच राहत भरी खबर, मानसून पर आ गया बड़ा अपडेट


Weather Today : पहाड़ों से लेकर मैदानों तक भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है. तेज धूप और लू के थपेड़ों से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है, जबकि तापमान रिकॉर्ड छू रहा है. ऐसे हालात में लोग राहत की एक बूंद के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं. इसी बीच मानसून को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है, जिससे आने वाले दिनों में लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना है.

: मानसून की आगे बढ़ने की स्थिति अनुकूल

23 मई 2026 तक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ते हुए दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ और क्षेत्रों, कोमोरिन क्षेत्र, साथ ही बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व और पूर्वी मध्य हिस्सों और अंडमान सागर के अधिकांश भागों में प्रवेश कर लिया है. मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की आगे बढ़ने की स्थिति अनुकूल बनी हुई है. आने वाले 3 से 4 दिनों में इसके दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के अन्य हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी व अंडमान सागर के बचे हुए क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है.

ऐसे तो आमतौर पर केरल में मानसून की शुरुआत 1 जून के आसपास होती है, जिसके बाद यह उत्तर की ओर बढ़ते हुए देश के बाकी हिस्सों में पहुंचता है. इसके साथ ही देश में मानसून मौसम (जून से सितंबर) की शुरुआत मानी जाती है. पिछले वर्ष मानसून की शुरुआत 24 मई को हुई थी.

मानसून के 26 मई को केरल पहुंचने की संभावना

IMD ने कहा कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के 26 मई को केरल पहुंचने की संभावना है. हालांकि, चार दिन पहले या चार दिन बाद भी पहुंच सकता है. मौसम विभाग ने यह भी कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.

आईएमडी ने कहा कि भारतीय मुख्यभूमि पर दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति का संकेत केरल में मानसून के आगमन से मिलता है और यह गर्म एवं शुष्क मौसम से वर्षा ऋतु में परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण संकेतक है. जैसे-जैसे मानसून उत्तर की ओर बढ़ता है, वैसे-वैसे क्षेत्रों को भीषण गर्मी से राहत मिलने लगती है.

लगभग 80 सेंटीमीटर वर्षा होने की संभावना

वहीं, आईएमडी ने यह भी कहा है कि इस वर्ष मानसून के दौरान भारत में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है. देश में मानसून के महीनों में लगभग 80 सेंटीमीटर वर्षा होने की संभावना है, जबकि 1971-2020 की दीर्घकालिक औसत मौसमी वर्षा 87 सेंटीमीटर रही है.

आईएमडी ने कहा कि इसका कारण अल नीनो परिस्थितियों का विकसित होना हो सकता है, जिसके चलते देश में वर्षा कम होती है.. मौसम विभाग ने एक मई को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा था कि भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो-साउदर्न ओसिलेशन (ईएनएसओ) की तटस्थ परिस्थितियां धीरे-धीरे अल नीनो की स्थिति की ओर बढ़ रही हैं.

हीट वेव… दिल्ली-NCR का भी हाल बेहाल

IMD की ओर से जारी लोकल वेदर रिपोर्ट एंड फोरकास्ट के अनुसार दिल्ली-NCR में 23 मई से 28 मई तक लगातार हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी. विभाग ने इस दौरान अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई है. रिपोर्ट के मुताबिक 23 मई को अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री दर्ज होने का अनुमान है. मौसम विभाग ने दोपहर और शाम के समय तेज सतही हवाओं के साथ हीट वेव चलने की चेतावनी दी है.

 

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