पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे जारी हो गए हैं. चुनावों में टीएमसी को हार का सामना करना पड़ा. हार के बाद भी ममता बनर्जी कहा कि वो इस्तीफा नहीं देंगी. इस बीच राज्यपाल ने आज बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई की आधी रात को पूरा हो गया. संविधान क अनुच्छेद 172 के तहत कार्यकाल पूरा होते ही सदन का अस्तित्व समाप्त हो जाता है. अब राज्यपाल के पास नई सरकार को शपथ दिलाने का रास्ता साफ है. इधर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को धांधली बताते हुए पद छोड़ने से मना कर दिया है. उन्होंने कहा है कि मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मैं चुनाव नहीं हारी हूं मुझे हराया गया है.

बता दें कि हालिया चुनाव नतीजों में बीजेपी ने 294 सीटों में से 207 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस दहाई के आंकड़े तक सिमट गई है. सूत्रों के मुताबिक, बहुमत प्राप्त दल के रूप में भाजपा 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह कर सकती है. राज्यपाल आर.एन. रवि जल्द ही नई सरकार के गठन के लिए न्योता दे सकते हैं.
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों के अगले दिन मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार किया और आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम ‘जनादेश नहीं बल्कि एक साजिश’ है. साथ ही उन्होंने सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ने और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करने का संकल्प लिया. बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि उसकी लड़ाई निर्वाचन आयोग से थी, जिसने ‘‘भाजपा के लिए काम किया.” बनर्जी ने कहा, ‘‘मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हमारी हार जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हुई है.… मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी.”
