जमशेदपुर
करीब एक पखवारे से लापता शहर के प्रमुख उद्यमी के पुत्र कैरव गांधी को
शहर की पुलिस ने सकुशल बरामद कर मंगलवार को प्रातः लगभग 4:30 बजे उनके निवास पर सुरक्षित रूप से उनके परिजनों को सौंप दिया। बेटे के सुरक्षित घर लौटने के बाद पूरे परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस-प्रशासन के प्रति आभार जताया।सोमवार तड़के सुबह लगभग 4 बजे झारखंड के हजारीबाग में बरही के पास कैरव को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
कैरव गांधी जमशेदपुर स्थित अपने आवास पर पहुंच चुके हैं उनसे मुलाकात कर उनके एक पारिवारिक मित्र ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कैरव पूरी तरह से ठीक है उनके परिजनों में उनकी सकुशल वापसी को लेकर काफी खुशी है
जानकारी के अनुसार, इस सनसनीखेज अपहरण कांड के पीछे बिहार के एक बड़े आपराधिक गैंग का हाथ बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने कैरव की सकुशल वापसी की पुष्टि तो कर दी है, लेकिन पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
13 जनवरी को कैरव गांधी का सनसनीखेज तरीके से अपहरण किया गया था.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे अभियान में एसएसपी के कुशल नेतृत्व में सिटी एसपी एवं ग्रामीण एसपी द्वारा त्वरित और आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई की गई। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ झारखंड पुलिस की विभिन्न टीमों ने चौबीसों घंटे मेहनत करते हुए तकनीकी साक्ष्यों, इनपुट्स और जमीनी सूचनाओं के आधार पर अभियान को अंजाम दिया। टीमों की सतर्कता और अथक प्रयासों के कारण किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचते हुए मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
पुलिस प्रशासन ने आम लोगों और शुभचिंतकों से विनम्र अपील की है कि वे कैरव गांधी के निवास पर एकत्रित न हों और परिवार की निजता का सम्मान करें। अधिकारियों ने कहा कि लंबे तनाव के बाद परिवार अपने बेटे के साथ निजी समय बिताना चाहता है, ऐसे में सभी का सहयोग आवश्यक है
सिटी एसपी शिवाशिष कुमार ने बताया कि प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए शुरुआत से ही इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया। सूचना मिलते ही विशेष टीमों का गठन कर तकनीकी निगरानी, संभावित ठिकानों की पहचान और लगातार फील्ड ऑपरेशन चलाया गया। उन्होंने कहा कि समय पर लिए गए निर्णय और टीमवर्क के कारण ही कैरव गांधी को सुरक्षित बरामद किया जा सका।
