ट्रंप को क्लियर कट मैसेज
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिका-इजरायल के साथ संघर्ष के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) में ईरान के प्रतिनिधि अली मौसावी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ‘ईरान के दुश्मनों’ से जुड़े जहाजों को छोड़कर सभी प्रकार के जहाजों के लिए खुला है। यह बयान चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ को दिए गए एक साक्षात्कार में आया है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर 48 घंटों के भीतर जलडमरूमध्य को ‘पूरी तरह से नहीं खोला गया’ तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएगा।
ब्रिटेन में ईरान के राजदूत भी रहे अली मौसावी ने आगे कहा कि तेहरान खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने और नाविकों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के साथ सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने जोर दिया कि ईरान के दुश्मनों से संबंधित न होने वाले जहाज तेहरान के साथ सुरक्षा और संरक्षा व्यवस्थाओं का समन्वय करके जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं। मौसावी ने कहा कि ईरान की प्राथमिकता कूटनीति बनी हुई है। हालांकि, आक्रामकता का पूर्ण अंत और आपसी विश्वास व भरोसा कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले ही होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूदा स्थिति की जड़ हैं।
दरअसल, अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान ईरानी हमलों के खतरे के कारण अधिकांश जहाज इस संकरे जलमार्ग से गुजरने से बच रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस आपूर्ति के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से का मार्ग है, जिसके प्रभाव से वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने का खतरा मंडरा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा था?
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान 48 घंटों के भीतर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने में विफल रहता है तो अमेरिका उसके विद्युत संरचना पर नए हमले शुरू करेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान 48 घंटों के भीतर बिना किसी धमकी के होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोलता है तो अमेरिका उनके विभिन्न विद्युत संयंत्रों पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देगा, जिसकी शुरुआत सबसे बड़े संयंत्र से होगी।
बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्से का योगदान देता है, और चल रहे युद्ध के कारण इसके प्रभावी रूप से बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में तीव्र अस्थिरता और भू-राजनीतिक चिंताओं में वृद्धि हुई है। ईरान ने चुनिंदा जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा जलडमरूमध्य की गश्त करने वाले देशों का गठबंधन बनाने का प्रयास सफल नहीं हो सका है क्योंकि प्रमुख साझेदारों ने इसमें शामिल होने में अनिच्छा व्यक्त की है।
