कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से गोविंदपुर जलापूर्ति योजना ठप्प, 21 पंचायत के डेढ़ लाख आबादी पानी के लिए त्राहिमाम

 

जमशेदपुर : गोविदंपुर क्षेत्र का जलापूर्ति एक बार फिर शनिवार को बंद हो गया है। इसे लेकर क्षेत्र में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। पानी सप्लाई करने वाले कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं, जिसे लेकर शनिवार को जलापूर्ति नहीं हो सका।
कर्मचारियों ने अपने संवेदक को पत्र लिखकर कहा है कि जब तक उनका बकाया वेतन नहीं मिल जाता, वे ड्यूटी पर वापस नहीं आएंगे। जलापूर्ति योजना के अंतर्गत दो दर्जन से ज्यादा ठेका कर्मी कार्यरत हैं, जो पांच माह से वेतन नहीं मिलने पर विफरे हुए हैं। उधर, संवेदक का कहना है कि उनका भी बकाया नहीं मिल रहा है। ऐसे में कर्मचारियों का वेतन देने में परेशानी होती है। बावजूद वे अपने से एक माह का वेतन कर्मचारियों को देने को तैयार हैं, लेकिन वे नहीं मान रहे। इससे पूर्व भी जलापूर्ति बंद हुआ है, लेकिन प्रशासन के पहल से चालू हुआ। इधर एक बार फिर संवेदक को बकाया नहीं मिलने पर शनिवार से जलापूर्ति बंद हुआ है, जिससे गोविंदपुर से लेकर परसुडीह तक 21 पंचायत के करीब डेढ़ लाख आबादी प्रभावित हैं।

आजसू नेता अप्पू तिवारी ने लगाया आरोप
गोविंदपुर जलापूर्ति योजना एक बार फिर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गई है। आजसू नेता अप्पू तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए वर्तमान विधायक मंगल कालिंदी व जिला परिषद पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि जलापूर्ति योजना बार-बार बाधित हो रही है, लेकिन जब कभी अस्थायी रूप से जलापूर्ति शुरू होती है, तो स्थानीय विधायक और जिला परिषद श्रेय लेने में आगे दिखाई देते हैं। जबकि जमीनी सच्चाई यह है कि योजना की खराब व्यवस्था, ठेकेदारों की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के कारण यह योजना कभी नियमित रूप से संचालित ही नहीं हो सकी। अप्पू तिवारी ने आरोप लगाया कि जब भी जलापूर्ति ठप्प होती है, जिला प्रशासन सिर्फ आश्वासन का रास्ता अपनाता है और जलापूर्ति को कुछ घंटों या अधिकतम एक-दो दिन के लिए शुरू करवा देता है। इसके बाद फिर स्थिति जस की तस बनी रहती है। इस प्रक्रिया में ठेकेदार पर अतिरिक्त वित्तीय और तकनीकी बोझ पड़ता है, जबकि जनता को राहत के बजाय सिर्फ झूठी उम्मीदें मिलती हैं।

शुरू करेंगे आंदोलन : परितोष
स्थानीय जिला परिषद सदस्य डा परितोष सिंह ने कहा है कि आए दिन जलापूर्ति योजना बंद होना व शुरू करना आम बात हो गई है। अब समय रहते कोई ठोस रास्ता नहीं निकला तो वे बस्तीवासियों के साथ बैठकर आंदोलन का शंखनाद करेंगे। इस योजना से बस्तीवासी काफी परेशान है, मामले की जानकारी डीसी को दे दी गई है।

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