उपायुक्त कार्यालय के मुख्य गेट में घुस कर शव के साथ किया प्रदर्शन, पुलिस के साथ धक्कमुक्की, जानें क्या है पूरा मामला

जमशेदपुर। उपायुक्त कार्यालय में गुरुवार की दोपहरशायद पहली बार यह मौका देखने को मिला जब सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के रहने वाले लोगों ने करीब 10 दिन पहले चापड़ से हुए हमले में घायल व इलाज के दौरान मौत के बाद युवक के शव को उपायुक्त कार्यालय के मुख्य गेट के अंदर सीढ़ी के पास रखकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने यहां तक ही नहीं मौके पर पहुंची पुलिस अधिकारियों के साथ भी धक्का मुक्की की। मृतक परिजनों व क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि टीएमयह में युवक के इलाज में लापरवाही की गई है जिससे उसकी मौत हुई है। परिवार का आरोप है कि टीएमएच प्रबंधन ने पांच लाख की मांग की थी जिनमें से 50 हजार जमा किया गया था। पैसे के अभाव में इलाज सही से नहीं किया गया जिससे उसकी मौत हुई है। उपायुक्त कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि टीएमएच प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही की कार्रवाई हो। और मृतक परिजनों को 50 लख रुपए मुआवजा दिया जाए।
मालूम हो कि चापड़ से जख्मी सनी की मौत,शव के साथ जिला उपयुक्त कार्यालय मैं प्रदर्शन चापड़ के हमले से जख्मी सनी पुष्टि की इलाज के क्रम में टीएमएच में मौत हो गई। 31 मार्च की रात सीताराम डेरा सामुदायिक भवन चंडी नगर के पास नंदू लोहार और साथी सनी पर चापड और गोली से हमला किया गया था दोनों का इलाज किया टीएमएच में चल रहा था। एक की मौत हो गई है। इस संबंध में नंदू के बयान पर सीताराम डेरा में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था पुलिस चार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। घटना का मुख्य कारण यह था कि 28 मार्च को नंदू लोहार की बहन घर से दुकान में अंडा लाने गई थी वहीं पर करण सिंह के द्वारा छेड़खानी की गई थी इस संबंध में नंदू की मां उनके घर पर गई थी पूछताछ करने के लिए तो करण और उसके साथियों ने नंदू लोहार के गर्दन पर रस्सी फंसा कर घसीट दिया था इसके बदले स्वरूप करण लोहार समेत साथियों ने मिलकर घटना को अंजाम दिया था वहीं वहीं दूसरी और चंडीनगर में वर्चस्व को लेकर इनके बीच मारपीट की घटनाएं हो चुकी है।

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