हड़ताल होगी ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व
जमशेदपुर। झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का दो दिवसीय आठवां प्रतिनिधि सम्मेलन बिरसा मुंडा, टाउनहॉल सिदगोड़ा में कार्यकारी राज्य अध्यक्ष नवीन कुमार द्वारा झंडा तोलन के साथ शुरू हुआ। स्वागत समिति के स्वागत अध्यक्ष एवं सीटू के राज्य महासचिव विश्वजीत देव ने राज्य भर से आए प्रतिनिधियों और मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने एकता और संधर्ष के नारे को बुलंद किया और एकताबद्ध संधर्ष का आह्वान किया। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने भी सम्मेलन को संबोधित किया और शुभकामनाएं दी।
संचालन महामंत्री रविन्द्र नाथ ठाकुर ने किया। सम्मेलन में केन्द्र से अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा व कोषाध्यक्ष शशिकांत राय विशेष तौर पर पहुंचे। सम्मेलन में सम्मानित अध्यक्ष रामाधार शर्मा, राज्य अध्यक्ष राजेश रंजन दुबे,उप प्रधान शर्मिला ठाकुर, शैलेन्द्र तिवारी, बीरेंद्र यादव,बिरादराना संगठनों के नेता संजय कुमार,जेपी सिंह, ऊषा सिंह, केडी सिंह,सुजय, सुभाष कर्ण, पीयूष गुप्ता,अशोक शुभदर्शी आदि भी पहुंचे और अपने संगठनों की ओर से शुभकामनाएं दीं।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने खुले अधिवेशन का उद्घाटन किया। उन्होंने केंद्र सरकार की जन एवं मजदूर, कर्मचारी और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी को राष्ट्रीय आम हड़ताल का ऐलान किया। उन्होंने दावा किया कि हड़ताल ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व होगी। उन्होंने कहा कि इस हड़ताल का आह्वान बीएमएस को छोड़कर सभी दस केन्द्रीय ट्रेड यूनियन और केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों की सैकड़ों अखिल भारतीय फेडरेशन ने संयुक्त रूप से किया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार ने पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए 44 श्रम कानूनों में से 29 को खत्म कर चार लेबर कोड्स बनाए हैं। उन्होंने लेबर कोड्स को मजदूरों की गुलामी का दस्तावेज करार दिया। उन्होंने कहा कि ठेका संविदा कर्मियों को रेगुलर करने,समान काम समान वेतन देने का कोई एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पीएफआरडीए एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की बजाय यूपीएस लागू कर जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ओल्ड पेंशन योजना से भी छेड़छाड़ करने करने पर आतुर हैं।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शशिकांत राय ने प्रतिनिधि सत्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकार जनवादी एवं लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार हमला कर रही है। जीएसटी का रिकॉर्ड कलेक्शन के बावजूद कर्मचारियों और पेंशनर्स का 18 महीने का डीए डीआर को रिलीज नही किया जा रहा है। महासंघ के महामंत्री ने रविन्द्र नाथ ठाकुर ने विगत तीन वर्षों की सांगठनिक और आंदोलन की रिपोर्ट पेश की जिस पर डेलीगेट्स की चर्चा जारी थी। उन्होंने कहा कि सोमवार को रिपोर्ट पर हुई बहस का जबाब दिया जाएगा और नई राज्य कमेटी का चुनाव किया जाएगा।
