*– सीड के द्वारा रांची में आयोजित हुई “एकम डायलॉग्स – संवाद से निर्माण”, समुदाय के निर्माण हेतु जमीनी अभियानों और नीतियों पर हुई खुलकर चर्चा*
*–झारखंड, ओड़िशा, छत्तीसगढ़ और बिहार राज्यों के पद्मश्री विभूतियों के मौजूदगी में 27 चेंजमेकर्स को मिला एकम सम्मान*
*– कॉफी टेबल बुक “इकोज ऑफ एकम – सम्मान के स्वर” का विमोचन, 27 चेंजमेकर्स के प्रयासों की प्रेरक कहानियां कॉफी टेबल शामिल*
जमशेदपुर / रांची : नीतियां ( Policies) और योजनाएं समाज में बड़े पैमाने पर बदलाव लेकर आती है, वही जमीनी स्तर पर चेंजमेकर्स के द्वारा किए जा रहे कई प्रयास नीतियों के निर्माण की प्रेरणा भी बनती है। 8-9 अप्रैल 2026 को रांची स्थित रेडिसन ब्लू होटल में सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) के द्वारा “एकम डायलॉग्स – संवाद से निर्माण” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत के संसाधन समृद्ध राज्य झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और बिहार के नीति निर्माता, विशेषज्ञ, सरकारी अधिकारी, पद्मश्री सम्मान से सम्मानित विभूतियां, चेंजमेकर्स व अन्य प्रमुखता से शामिल हुए। इस दौरान सतत् विकास और क्षेत्रीय रेजिलिएंस के निर्माण हेतु जलवायु अनुकूलन, संस्कृति, अर्थव्यवस्था, युवा नेतृत्व इत्यादि प्रमुख विषयों की जमीनी वास्तविकताओं व नीतिगत दृष्टिकोण पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे, जिससे समुदाय समाधानों की दिशा में अग्रसर हो सके। कार्यक्रम के दौरान झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और बिहार राज्यों के कुल 27 चेंजमेकर्स को “एकम सम्मान” से नवाजा गया।
सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन के संस्थापक व झारखंड के पैडमैन के नाम से मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता तरुण कुमार को भी एकम सम्मान से सम्मानित किया गया। सभी राज्यों के पद्मश्री विभूतियों के मौजूदगी में तरुण कुमार ने आईएफएस ऑफिसर डॉ अर्ता त्रान मिश्रा से सम्मान ग्रहण किया। इस दौरान माहवारी स्वच्छता जैसे संदेशनशील विषय को केंद्र में रखकर बच्चों व युवाओं के बेहतरी के लगातार सामुदायिक प्रयासों की जमकर सराहना हुई। वही “एक पैड, एक पेड़” जैसे अनोखे प्रेरक अभियानों से सामुदायिक स्तर पर पर्यावरण जागरूकता भी चर्चा का विषय बनी।
मौके पर छत्तीसगढ़ के पद्मश्री अनूप रंजन पांडे (बस्तर), पद्मश्री बुधरी तांती (दंतेवाड़ा), पद्मश्री फूलबासन बाई यादव (राजनांदगांव), झारखंड की पद्मश्री चामी मुर्मू (सरायकेला), पद्मश्री छूटनी महतो (सरायकेला), पद्मश्री जमुना टुडू (चाकुलिया), पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख (रांची), पद्मश्री महावीर नायक(रांची), पद्मश्री मुकुंद नायक ( सिमडेगा ), उड़ीसा की पद्मश्री दमयंती बेसरा ( बारीपदा ), बिहार की पद्मश्री राजकुमारी देवी ( मुजफ्फरपुर ), भारत के वाटर मैन राजेंद्र सिंह व अन्य महान विभूतियां मुख्य रूप से मौजूद थी।
तरुण कुमार ने बताया कि समकालिक महान विभूतियों के मौजूदगी में निश्चय अभियान के कार्यों को सराहना मिलने से हमारा हौसला बढ़ा है। संसाधनों की कमी रास्ता तो रोकती है, लेकिन सुदूर इलाकों में रहनेवाले बच्चों व युवाओं के बेहतरी के लिए हम सभी को मिलकर काम करना बेहद जरूरी है। इससे ही हमारे समाज का भविष्य सुरक्षित हो पाएगा।
“एकम डायलॉग – संवाद से निर्माण” कार्यक्रम के दौरान “इकोज ऑफ एकम – सम्मान के स्वर” कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। कॉफी टेबल बुक में झारखंड, ओडिसा, छत्तीसगढ़ और बिहार राज्यों के एकम सम्मान से सम्मानित सभी 27 चेंजमेकर्स की कहानी को शामिल की गई है। सभी राज्यों में जमीनी बदलाव के प्रयासों की कहानियों से काफी प्रेरणा मिलती है।
