ग्रामीण छात्रों के लिए शिक्षा का भरोसेमंद नया ठिकाना बना स्कूल
जमशेदपुर, 11 जनवरी (रिपोर्टर): ग्रामीण अंचलों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण व वैश्विक मानकों के अनुरूप आवासीय शिक्षा देने के उद्देश्य से कुशल एजुकेशनल ग्रुप की ओर से पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में दिल्ली वल्र्ड पब्लिक स्कूल की स्थापना की गई है. स्कूल पूरी तरह से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा. छात्रों को आने वाले दिनों में एआई के बढ़ते महत्व को देखते हुए उसकी के अनुरूप तैयार किया जाएगा. स्कूल की शैक्षणिक दृष्टि, सुविधाओं व प्रवेश से जुड़ी जानकारी देने के लिए कुशल एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन नरेश अग्रवाल खुद जमशेदपुर है. उन्होंने कहा कि जमशेदपुर उसके लिए दूसरा होम टाउन जैसा है. जमशेदपुर शहर उन्हें हमेशा से खास लगता.
बिस्टुपुर स्थित चैम्बर भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में कुशल एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन नरेश अग्रवाल ने कहा कि स्कूल को हमें यूनिवर्सिटी तक लेकर जाना है इसके लिए वे प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य उत्कृष्टता को लक्ष्य नहीं, बल्कि आदत बनाना है. दिल्ली वल्र्ड पब्लिक स्कूल, पुरुलिया के माध्यम से हम जमशेदपुर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को अंतरर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा से जोडऩे का अवसर प्रदान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्कूल 25 एकड़ में विकसित किया गया है, जहां छात्रों के लिए सभी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरे परिसर में आधुनिक सीसीटीवी कैमरों से युक्त निगरानी व्यवस्था, नियंत्रित प्रवेश प्रणाली व प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है. उन्होंने स्कूल में शुरू किए गए आकर्षक कैफेटेरिया के बारे में कहा कि यह गुणवत्तापूर्ण व स्वास्थ्यवर्धक भोजन के लिए समर्पित है. भोजन व्यवस्था के लिए कैफेटेरिया का टाई-अप ‘अजोध्याहिल’ के ‘कुशलपल्ली’ के साथ किया गया है, जिसके माध्यम से छात्रों को स्वादिष्ट, संतुलित व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है.
स्कूल की प्राचार्या सुधा सिंह ने कहा कि स्कूल केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर देता है. इसके अंतर्गत रोटरी, क्यूलिनरी व हेरिटेज जैसे क्लब संचालित किए जा रहे हैं. खेल के क्षेत्र में घुड़सवारी, तीरंदाजी, तैराकी, क्रिकेट व फुटबॉल जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं भी उपलब्ध करायी गई हैं. स्कूल की शिक्षा-पद्धति आधुनिक तकनीक व भारतीय मूल्यों के संतुलित समन्वय पर आधारित है, जिससे छात्रों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित हो सके. उन्होंने कहा कि हम जिज्ञासु मस्तिष्कों को पोषित करने में विश्वास रखते हैं. हमारा प्रयास है कि छात्रों को संवेदनशील, नवाचारी और भविष्य के लिए तैयार नेतृत्व के रूप में आगे बढ़ें. आने वाले समय में एआई अहम होगी इसे देखते हुए छात्रों को उसके अनुरूप तैयारी करायी जाती. उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एरोबे के सहयोग से सकूल में में रोबोटिक्स लैब स्थापित की गई है, जिसमें करीब 500 किताबें होंगी. उन्होंने कहा स्कूल में देशभर के योग्य शिक्षक हैं.
स्कूल प्रबंधन ने कहा कि दिल्ली वल्र्ड पब्लिक स्कूल, पुरुलिया की प्राचार्या सुधा सिंह एक अनुभवी शिक्षाविद् हैं, जिन्हें शिक्षा क्षेत्र में नेतृत्व का नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है. वे इससे पूर्व कर्नाटक ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में निदेशक सहित अलग-अलग प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं. वहीं देबजानी सेनगुप्ता को शैक्षणिक क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है. वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रमों की विशेषज्ञ मानी जाती हैं और उन्हें भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय सहित अलग-अलग स्तरों पर सम्मान प्राप्त हो चुका है. डा. मृगांक महतो पेशे से नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं. वे पश्चिम बंगाल सरकार में राज्य सूचना आयुक्त के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जबकि अलोट्रिया मुखर्जी व अनुभवी विधि विशेषज्ञ के रूप में विद्यालय के प्रशासनिक और नैतिक मानकों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.
सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि कहा उद्यमी व व्यवसायी वर्ग का पदार्पण पारंपरिक व्यवसाय के अलावा शिक्षा चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में हो रहा है, जो स्वागतयोग्य है. उन्होंने कहा कि झारखंड में टूरिस्ट जगह हैं जिसे विकसित किया जाए तो और बेहतर होगा. उन्होंने नरेश अग्रवाल को सुझाव दिया कि किरूबुरू में रिसोर्ट जैसी सुविधा मिलेंगी तो उससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. चैंबर के उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल गोल्डी व अधिवक्ता राजीव अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने पुरुलिया जाकर स्कूल की व्यवस्थाएं देखी, जो काफी प्रभावित करने वाली हैं. वहां. दूरदराज एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवासीय व्यवस्था की गई है.
