बीएसीईटी का स्पेसशिप 2026: देश- विदेश से जुड़े विशेषज्ञों ने युवाओं को दिए नवाचार व उद्यमिता के टिप्स एआई से मिलेंगे नए अवसर, अपनी क्षमता को आगेे बढ़ाएं

जमशेदपुर, 18 जनवरी (रिपोर्टर): बी ए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी व इसकी इंस्टीट्यूशन इन्नोवेशन काउंसिल, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित ‘स्पेसशिप 2026’ समिट में युवाओं को नवाचार व उद्यमिता के लिए प्रोत्साहन मिला. इस मौके पर देश-विदेश से जुड़े अपने स्टार्टअप में अपनी पहचान बनाने वाले विशेषज्ञों व प्रशासनिक अधिकारियों ने युवाओं से कहा कि जब आप कुछ नई चीजें शुरू करेंगे तो समस्याएं आयेंगी लेकिन उसका सामना करना सीखें. किसी भी काम के लिए धैर्य की जरूरत होती है तभी सफलता मिलती है. विशेषज्ञों ने कहा कि एआई से नए अवसर मिलेंगे इसलिए आप अपनी क्षमताओं को बढ़ाएं. इस समिट का उद्देश्य नवाचार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में युवाओं, शिक्षाविदों व उद्योग विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान करना था.
बी ए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की ओर से राजेन्द्र विद्यालय ऑडिटोरिम में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन चेयरमैन एस सिंह समेत अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप संस्कृति, सतत विकास व भविष्य की तकनीकों पर केन्द्रित विचार विमर्श किया गया. समिट में स्कूल और कॉलेज के छात्र शिक्षक और तकनीकी विशेषज्ञ एकत्रित हुए उन्होंने अपने नवीनतम विचारों को कार्यशील मॉडल पर तकनीकी समाधानों का प्रदर्शन किया. इस समिति का मुख्य आकर्षण था एआई के स्टार्टअप पिचिंग प्रतियोगिता जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी परियोजनाओं को टीम ऑफ फाउंडर्स और एक्सपर्ट्स के सामने प्रस्तुत किया. इस मौके पर शहर के अलग-अलग स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षिकाएं, छात्र व छात्राएं भी शामिल हुए
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जमशेदपुर तकनीकी व औद्योगिक नवाचार का उभरता केन्द्र: एस के सिंह
बी ए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के चेयरमैन डा. एस के सिंह ने कहा कि इस प्रकार के नवाचार-आधारित आयोजन युवाओं को नई सोच और सृजनशीलता की दिशा में प्रेरित करते हैं. उन्होंने जमशेदपुर को तकनीकी व औद्योगिक नवाचार का उभरता हुआ केन्द्र बताया. उन्होंने कहा कि स्पेसशिप 2026 में यह सिद्ध कर दिया कि भारत के युवा नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में दुनिया भर में अग्रणी बन सकते हैं. हमारा उद्देश्य युवाओं को एक जॉब क्रिएटर मानसिकता को अपनाने के लिए प्रेरित करता है ताकि वह समझ में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ आर्थिक विकास में भी योगदान दे सकें.
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युवाओं को किया ग्लोबल स्टार्टअप व एआई की दुनिया में मार्गदर्शन
समिट में जमशेदपुर से पांच वैश्विक स्तर के न ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और युवाओं को ग्लोबल स्टार्टअप और आई की दुनिया में मार्गदर्शन प्रदान किया. इनमें अभिषेक कुमार सीओ और को फाउंडर, ्रएसेस होम व ट्रू एटम ने वैश्विक तकनीकी उत्पादों के निर्माण पर अपने विचार साझा किया. वात्सला उपाध्याय फाउंडर और सीईओ बिजनेस सर्विसे ने एआई आधारित उद्यमिता के अवसर पर चर्चा की. सुधाकर कंदनाला फाउंडर स्लाईवर बिजनेस सर्विस उस ने वैश्विक व्यापार वृद्धि पर अपने अनुभव साझा किया. अभिजीत कुमार को फाउंडरक्लाइंट तिल और को कैटल्स भारत ने स्टार्टअप के सफल कार्यान्वयन व बाजार में सफलता की रणनीतियों पर अपने विचार व्यक्त किया. समिट में आईएसए व आईपीएस अधिकारियों ने भी भाग लिया जिन्होंने प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं और नवाचार के समर्थन प्रणालियों के बारे में जानकारी दी.
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छात्रों को इन हस्तियों ने दिए टिप्स
कार्यक्र में आन्या दास, आईएस डेप्युटी सेक्रेट्री स्वास्थ्य विभाग उड़ीसा सरकार, सुमित कुमार ठाकुर सब कलेक्टर और एसडीएम थिरुवल्ला, केरल ने नवाचार को सरकारी नीति के साथ जोडऩे और युवा उद्यमियों के लिए उपलब्ध सरकारी सुविधाओं को योजनाओं के बारे में मार्गदर्शन दिया. सीड फंडिंग व इ क्यूवेशन अवसर – जो प्रतिभागियों को उद्योग के नेताओं और नीति निर्माताओं के मार्गदर्शन प्राप्त हुआ.विजेताओं को सिलिकॉन वैदिक के निवेशकों और एक्यूमेंटल्स ने से मार्गदर्शन नेटवर्किंग और फंडिंग के अवसर मिले. इस समिट में 90 से अधिक आइडियाज रजिस्टर्ड हुए जिनमें से चयनकर्ताओं की टीम ने वेस्ट 4 आईडियाज को 25- 25 हजार रुपए के चेक पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया गया जिनमें शामिल हैं हिल टॉप स्कूल – एडु मनाई एआई, केरला पब्लिक स्कूल- सोलर सिकर, केपीएस कदमा – फ्लो केयर एआई, अल कबीर – एक्वा सेंस शामिल है.
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असफला नहीं, सिर्फ जीत या सीख होती: अभिजीत
इस मौके पर क्लाइंट टेल व गो केटल्स (इंडिया) के सह-संस्थापक अभिजीत कुमार ने स्टार्टअप निष्पादन, बाजार की तैयारी और दीर्घकालिक सीख के महत्व पर महत्वपूर्ण जानकारियां दी. उन्होंने कहा कि वह जमशेदपुर से होने पर गर्व महसूस करते हैं. उन्होंने साझा किया कि उन्होंने किंडरगार्टन से लेकर कक्षा 12 तक की पूरी शिक्षा जमशेदपुर में ही प्राप्त की है और हिलटॉप स्कूल व लिटिल फ्लावर स्कूल (एलएफएस) से पढ़ाई की। अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने राजेंद्र विद्यालय में वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लेने की बात कही और कहा कि शहर के शैक्षणिक माहौल ने उनके आत्मविश्वास और संवाद कौशल को निखारने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा क खुद को एक रीडर और प्रोडक्ट बिल्डर बताते हुए अभिजीत ने कहा कि उन्हें ऐसे उत्पाद विकसित करना पसंद है, जिनका लोग वास्तविक रूप से उपयोग करें. उन्होंने कहा कि समय उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि असफलता नाम की कोई चीज नहीं होती, या तो आप जीतते हैं या सीखते हैं. उन्होंने कक्षा 8 से आगे के छात्रों को बिना डर प्रयोग करने, असफल होने और उससे सीखने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि शुरुआती असफलताएँ भविष्य में बेहतर उत्पाद बनाने के लिए वर्षों की सीख प्रदान करती हैं और भरोसा दिलाया कि वे मेहनत, जिज्ञासा और लगन दिखाने वाले विचारों में निवेश के लिए तैयार हैं. उन्होंने युवाओं से अवसर का पूरा लाभ उठाने, साहस के साथ सीखने और नवाचार की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया.

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