चांडिल: अल-कबीर पॉलिटेक्निक जमशेदपुर में 6 और 7 मार्च को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “एआई अनलीश्ड: उभरते वास्तविक क्षेत्रों में नवाचार, नैतिकता और प्रभाव” का आयोजन किया जाएगा उक्त बात की जानकारी गुरुवार को कॉलेज परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में कॉलेज के प्राचार्य वारिस सरवर इमाम ने दी। उन्होंने कहा इस संगोष्ठी का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते प्रभाव, नवाचार और उससे जुड़े नैतिक पहलुओं पर व्यापक चर्चा करना है।कार्यक्रम में देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों, शोध संगठनों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा शोधार्थियों की भागीदारी होगी। संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यान, शोध पत्र प्रस्तुतियां, विचार-विमर्श सत्र तथा संवादात्मक चर्चाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, प्रशासन और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में एआई के उपयोग और उसके सामाजिक प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तेजी से कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जहां एक ओर यह तकनीक नवाचार और नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है, वहीं दूसरी ओर डेटा सुरक्षा, नैतिकता, रोजगार और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी सामने आ रहे हैं। संगोष्ठी के माध्यम से इन्हीं पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस कार्यक्रम को “झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद”,रांची का सहयोग प्राप्त है, जो राज्य में विज्ञान और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इस संगोष्ठी का उद्देश्य नवाचार को प्रोत्साहित करना, एआई के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करना है। साथ ही यह कार्यक्रम विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं के लिए भी प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक साबित होगा। इस अवसर पर सेमिनार की कन्वेनर डॉ० चंदना कुमारी, आयोजन समिति की सदस्या डॉ० सुष्मिता सेन, मकसूद आलम (प्रभारी, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा संचार विभाग), हसीबुल हक, श्रीमति पी० वीणाशीला राव उपस्थित थे।
