अगले पांच साल में जीडीपी दूना करने का लक्ष्य, खुलेंगे 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस
रांची,24 फरवरी (ईएमएस): झारखंड में आज साल 2026-27 का बजट पेश किया गया। हेमंत सोरेन सरकार की ओर से वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने विधानसभा में 1,58,560 करोड़ रुपए का ‘अबुआ दिशोम बजट’ पेश किया। ये बजट राज्य के सर्वांगीण विकास, सामाजिक कल्याण और आर्थिक कायाकल्प का एक महत्वपूर्ण रोडमैप है। सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मुख्य बजट के साथ आउटकम बजट, जेंडर बजट और चाइल्ड बजट भी सदन पटल पर रखा। इन दस्तावेजों के माध्यम से विभागवार लक्ष्यों और उनके सामाजिक प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य खर्च की प्रभावशीलता बढ़ाकर राज्य के संसाधनों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा है कि हेमंत सोरेन सरकार के बजट में सभी लोगों को मुस्कराने का मौका मिलेगा। राधाकृष्ण किशोर ने दूसरी बार बजट पेश किया है। उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन और अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ बजट भाषण की शुरुआत की। राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि केंद्र सरकार सहयोग नहीं कर रही है। केंद्र से पैसा नहीं मिल रहा है। केंद्र से अनुदान राशि के 11000 करोड़ नहीं मिले। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण पर भी टिप्पणी की।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बजट की तारीफ करते हुए कहा कि इसका परिणाम भी आने वाले समय में जमीन पर नजर आएगा. उन्होंने कहा कि बजट में सभी वर्ग और सभी क्षेत्रों का ख्याल रखा गया है. उन्होंने एयर एंबुलेंस क्रैश हादसे पर गहरा दुख जताया है और पीडि़त परिवारों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की.
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की बड़ी बातें
राज्य के बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए ‘अबुआ आवास योजना’ पर जोर
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ का बजट एलॉटमेंट
किसानों को राहत देने के लिए ‘झारखंड कृषि ऋण माफी योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
राज्य में 100 नए ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ (उत्कृष्ट विद्यालय) संचालित करने का लक्ष्य रखा. पलामू, लातेहार, गढ़वा और धनबाद जैसे जिलों में नए ‘झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों’ का निर्माण. महिला किसानों को आधुनिक खेती और बाजार से जोडऩे के लिए इस नई योजना के लिए 25 करोड़ रुपए. युवाओं को स्वरोजगार से जोडऩे के लिए ‘मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना’ के दायरे को बढ़ाने पर फोकस. राज्य में पेसा नियमावली लागू कर ग्राम सभाओं को बालू घाटों के प्रबंधन और स्थानीय विकास में भूमिका-बजट की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए मुख्य बजट के साथ आउटकम बजट, जेंडर बजट और चाइल्ड बजट भी पेश
मंईयां सम्मान योजना के लिए 14,066 करोड़
मईयां सम्मान योजना के लिए 14,066 करोड़, झारखंड बजट की बड़ी घोषणाएं
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘मईयां सम्मान योजना’ के तहत हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने के लिए 14,066 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सदन में कहा कि बजट में एजुकेशन, हेल्थ, एग्रीकल्चर, इ्फ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और यूथ एम्पावरमेंट को प्राथमिकता दी गई है। इसमें युवाओं और महिलाओं के लिए डेडिकेटेड प्रोग्राम पर खास फोकस के साथ, एम्प्लॉयमेंट जनरेशन और स्किल डेवलपमेंट स्कीम को बढ़ावा देने के प्रपोजल शामिल हैं। पिछले साल का बजट 1.45 लाख करोड़ करोड़ रुपए का था। इस बार का बजट पिछले साल से लगभग 7-10 परसेंट ज्यादा है।
जेंडर और चाइल्ड बजट भी पेश हुआ
राज्य सरकार ने खर्च की इफेक्टिवनेस और ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने के लिए हाउस में एक आउटकम बजट, जेंडर बजट और चाइल्ड बजट भी पेश किया। इन डॉक्यूमेंट्स में फाइनेंशियल प्लान के टारगेट, सोशल इम्पैक्ट और डिपार्टमेंट्स की अचीवमेंट्स का डिटेल्ड एनालिसिस शामिल है। बजट सेशन के दौरान, सदन में विपक्ष ने सरकार से कई मुद्दों पर जवाब मांगा, जिसमें फाइनेंशियल प्रायोरिटी और रिसोर्स एलोकेशन के अलाइनमेंट पर बहस शामिल थी। विधायकों ने अलग-अलग डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स और वेलफेयर स्कीम्स पर भी कमेंट्स दिए। इस बजट को राज्य की डेवलपमेंट जर्नी में एक अहम कदम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें ग्रामीण और शहरी इलाकों में सोशल और इकोनॉमिक रिफॉर्म्स के लिए बड़े प्रोविजन्स किए गए हैं। बजट पेश होने के बाद, अब इसका डिटेल्ड रिव्यू और अप्रूवल प्रोसेस होगा, जिसके दौरान सदन की अलग-अलग कमेटियां सुझाव और अमेंडमेंट्स प्रपोज कर सकती हैं।
जीएसडीपी दोगुना करने का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में झारखंड की अर्थव्यवस्था को दोगुना करना है. इसके लिए कृषि, उद्योग, भौतिक संरचना, वित्तीय क्षेत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस रखा गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा संसाधनों के बेहतर उपयोग और सूखे जैसे बाहरी कारकों के प्रभाव को कम कर 14 प्रतिशत की लक्षित विकास दर हासिल की जाएगी.
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल
महिला किसान खुशहाली योजना के जरिए महिला किसानों को आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा. नकदी फसलों के विस्तार, कोल्ड स्टोरेज युक्त कोऑपरेटिव मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स और लघु वन उत्पादों के उन्नयन से ग्रामीण आय बढ़ाने का प्रयास किया गया है.
स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा निवेश
कैंसर की शुरुआती पहचान और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों में क्कश्वञ्ज-ष्टञ्ज, कैथलैब और जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी. 750 अबुआ दवाखानों के माध्यम से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.
निवेश और रोजगार
सरकार के अनुसार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से झारखंड को 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे करीब 45 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना है. इसके अलावा औद्योगिक नीतियों के तहत 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है.
