पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. भाजपा की बड़ी जीत और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल बाद सत्ता से बाहर होने के बाद राज्य के कई हिस्सों से हिंसा, तोड़फोड़ और झड़पों की खबरें सामने आईं. इन घटनाओं के बीच पुलिस प्रशासन ने अब स्थिति
को नियंत्रण में होने का दावा किया है. प्रदेश के डीजीपी के मुताबिक, 200 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई है और 400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्ध नाथ गुप्ता ने कहा कि चुनाव के बाद भड़की हिंसा को लेकर सख्त कार्रवाई की गई है. उन्होंने बताया कि अब तक 200 से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 433 लोगों को विभिन्न मामलों में गिरफ्तार किया गया है. इसके साथ ही विभिन्न धाराओं में 1100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है. डीजीपी के मुताबिक, इन कार्रवाइयों के बाद आज सुबह से किसी भी तरह की नई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है और हालात अब शांत हैं.
CEC ने दिया था कार्रवाई का निर्देश
चुनाव के बाद हिंसा की घटनाओं में दो लोगों की मौत और कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की खबरों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया था. इसी के बाद निर्वाचन आयोग ने भी सख्त रुख अपनाया.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने राज्य के अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए. अधिकारियों के अनुसार, आयोग का यह निर्देश हालात को नियंत्रण में लाने के उद्देश्य से दिया गया है.
पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में हिंसा
पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद अलग-अलग जगहों पर हिंसा भड़क उठी थी. मंगलवार शाम न्यू टाउन इलाके में विजय जुलूस के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर पिटाई किए जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की मौत हो गई. वहीं इससे पहले बीरभूम के नानूर में
कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई.
इसके साथ ही कोलकाता के टॉलीगंज और कस्बा के अलावा बारुईपुर, कमरहटी, बारानगर उपनगरों तथा हावड़ा और बहरामपुर स्थित टीएमसी कार्यालयों में आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें सामने आई.
टॉलीगंज के बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के चुनाव कार्यालय में भीड़ ने तोड़फोड़ की गई.
वहीं संदेशखाली में चुनाव परिणाम आने के बाद ग्रामीणों को डराने-धमकाने की शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंची टीम पर हमला किया गया. हमले में तीन पुलिसकर्मी और केंद्रीय बल के दो जवान भी घायल हो गए थे.
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि कड़ी कार्रवाई के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी जा रही है.
