TATA MOTORS: आज 225 अस्थायी कर्मी होंगे स्थायी, कंपनी में अब बच जाएंगे 200 टेम्पोरेरी

जमशेदपुर: टाटा मोटर्स प्रबंधन की ओर से 26 मार्च गुरुवार शाम को 225 बाई सिक्सकर्मियों (टेम्पोरेरी) की सूची जारी होगी. यह 10 वां बैच होगा. इस सूची के जारी होने के बाद टाटा मोटर्स में केवल 200 बाई सिक्स कर्मी रह जाएंगे. इन बचे 200 कर्मियों के स्थायीकरण की सूची जून माह में निकलेगी. इस सूची के साथ ही टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में चल रहे अस्थायी कर्मियों के युग का अंत हो जाएगा. उल्लेखनीय है कि टाटा मोटर्स में टेम्पोरेरी का यह दौर लगभग 50 साल से चल रहा है, जिसका अंत हो जाएगा.
इस टेम्पोरेरी युग में कर्मचारियों को 15 से 25 साल तक टेम्पोरेरी के रूप में काम करना पड़ता था, कई कर्मियों का स्थायीकरकण तो उनके रिटायरमेंट के दो तीन साल पहले होता था. टेम्पोरेरी होने के चलते इन्हें श्रम नियमों के तहत सामाजिक सुरक्षा की सुविधाएं भी नहीं मिलती थी. यही नहीं मंदी होने पर सबसे पहले बाई सिक्सकर्मियों को काम से बिठा दिया जाता था, जिससे इन्हें घर चलाने में काफी परेशानी होती थी.

इसे लेकर टाटा मोटर्स के पुणे प्लांट और जमशेदपुर के एक टेम्पोरेरी की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करने के बाद झारखंड हाई कोर्ट ने कंपनी के सारे बाई सिक्स कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से स्थायी करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने कंपनी को स्थायीकरण के फार्मूले को देने का आदेश दिया. इसके बाद टाटा मोटर्स प्रबंधन ने अपने सारे 2700 बाई सिक्स कर्मियों को स्थायी करने का फॉर्मूला सरकार को दिया. यह फॉर्मूला टाटा मोटर्स प्रबंधन ने यूनियन और श्रमायुक्त के साथ मिलकर बनाया. इसी फॉर्मूले में तय हुआ कि इन 2700 कर्मियों का स्थायीकरण चरणबद्ध तरीके से होगा, जिसके तहत हर तीन माह पर 225 बाई सिक्स कर्मियों का स्थायीकरण किया जाएगा. यह समझौता जनवरी 2024 में हुआ था.

अब जेओ ग्रेड की जगह टी ग्रेड में होंगे नियोजित

इस समझौते के तहत स्थायी होने वाले कर्मियों को जेओ ग्रेड में शामिल किया जा रहा था, जिसमें पुराने ग्रेड के मुकाबले कर्मियों का वेतन कम होता था, लेकिन हाल ही में हुए ग्रेड समझौते के बाद यूनियन ने जेओ ग्रेड के साथ ही पुराने ई ग्रेड को खत्म कर नया टी ग्रेड बनाया है और वेतन में एकरूपता कर दी है. इससे स्थायी होने वाले कर्मियों को भी अब पुराने ग्रेड की तरह लाभमिलेगा और परमानेंट पूल में आने के साथ ही उनका वेतन 60 से 70 हजार रूपए के बीच हो जाएगा.

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