रांची : सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन खरीद-बिक्री मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का समेत 10 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है. सभी को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया है. दोषी करार दिए गए सभी आरोपियों को शनिवार को सजा सुनाई जाएगी. वहीं, एक आरोपी गोवर्धन बैठा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया. बता दें कि सीएनटी एक्ट के 15 साल पुराने मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है. इसमें पूर्व मंत्री एनोस एक्का, पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात समेत 11 आरोपी हैं. एनोस एक्का पर मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करने और फर्जी पते पर आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री करने का आरोप है. इसमें तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात ने मदद की थी.
जानिए क्या है पूरा मामला
प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर जमीन की खरीदारी की गई. हिनू में 22 क_ा जमीन, ओरमांझी में 12 एकड़, नेवरी में 4 एकड़, चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल जमीन एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का के नाम पर खरीदी गई. जमीन की सारी खरीदारी मार्च 2006 से मई 2008 के बीच की गई. झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 4 अगस्त 2010 को एनोस एक्का व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. जांच पूरी करते हुए सीबीआई ने दिसंबर 2012 में चार्जशीट दाखिल की. ??5 नवंबर 2019 को सीबीआई की विशेष अदालत ने मामले में एनोस एक्का व अन्य के खिलाफ आरोप तय किए थे. 22 अगस्त को सुनवाई पूरी करते हुए कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया और आदेश के लिए आज की तारीख तय की. मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन एलआरडीसीसी
कार्तिक कुमार प्रभात, राज किशोर सिंह, फिरोज अख्तर, ब्रजेश मिश्रा, अनिल कुमार, मणिलाल महतो, गोवर्धन बैठा, परशुराम केरकेट्टा और ब्रजेश्वर
महतो मुकदमे का सामना कर रहे हैं.